Brief By Jagran.com / 4:05 PM on 24 Aug 2026
नगर निगम सदन की बैठक में सोमवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब आम आदमी पार्टी के पार्षद बरसात के दौरान शहर में हो रहे जलभराव के विरोध में नाव लेकर सदन की कार्यवाही में पहुंच गए. पार्षदों ने अपने साथ नाव लेकर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए और बैठक के दौरान जोर-जोर से नारेबाजी भी शुरू कर दी. अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से सदन का माहौल बदल गया और कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही. आप पार्षदों का आरोप था कि बारिश के मौसम में शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं. नाव लेकर सदन में पहुंचना इसी समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने का उनका तरीका था.
पार्षदों ने जलभराव को लेकर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि बारिश शुरू होते ही राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां पानी में डूब जाती हैं. कई जगहों पर लोगों को घरों और दुकानों से निकलने में परेशानी होती है, जबकि सड़कों पर पानी भरने के कारण यातायात भी प्रभावित होता है. ऐसे में नगर निगम को पहले से नालों की सफाई, जल निकासी और पंपिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी. विरोध कर रहे पार्षदों ने सदन के भीतर नारेबाजी करते हुए प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की. नाव को लेकर पहुंचे पार्षदों के प्रदर्शन ने बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों और अधिकारियों का भी ध्यान खींचा.
हालांकि, कुछ देर बाद सदन में नियमों का हवाला देते हुए इस तरह के प्रदर्शन पर आपत्ति जताई गई. पार्षदों को सदन की कार्यवाही के दौरान नाव जैसे सामान के साथ इस तरह का अजीबोगरीब विरोध प्रदर्शन नहीं करने को कहा गया. इसके बाद सदन में स्थिति सामान्य करने की कोशिश की गई. हालांकि, आप पार्षदों का यह विरोध शहर में जलभराव की समस्या को लेकर चर्चा का विषय बन गया. उनका कहना है कि प्रतीकात्मक तरीके से किया गया यह प्रदर्शन नगर निगम प्रशासन को यह बताने के लिए था कि बारिश के दौरान कई इलाकों की स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों को सड़क पर नाव चलाने जैसी परिस्थिति का सामना करना पड़ता है. अब देखना होगा कि नगर निगम जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है.