Brief By Jagran.com / 4:02 PM on 24 Aug 2026
प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर सोमवार की भोर अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस जाने से हड़कंप मच गया. घटना नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास हुई, जहां सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के कारण सड़क भरभराकर नीचे बैठ गई. सड़क धंसने के बाद हाईवे पर गहरा गड्ढा दिखाई देने लगा, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. गनीमत रही कि जिस समय सड़क का हिस्सा धंसा, उस दौरान वहां से कोई बाइक सवार या चार पहिया वाहन नहीं गुजर रहा था. अगर उस वक्त कोई वाहन सड़क के इस हिस्से से गुजर रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले लखनऊ से प्रयागराज तक जाने वाले एनएच-30 राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में बदलने का काम कराया गया था. महाकुंभ को देखते हुए इस सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई थी. आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि नवाबगंज क्षेत्र के बरई का पुरवा के पास जमीन के नीचे मौजूद एक गहरे गड्ढे को पूरी तरह भरकर सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया. ग्रामीणों के मुताबिक, इसके ऊपर अस्थायी तौर पर डामर डालकर सड़क तैयार कर दी गई थी. उस समय सड़क का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन जमीन के नीचे की स्थिति को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान अगर गड्ढे को ठीक से भरा जाता तो बारिश के बाद इस तरह सड़क धंसने की नौबत नहीं आती.
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क के नीचे बने गहरे गड्ढे में पानी पहुंच गया. पानी के कारण जमीन के भीतर की मिट्टी खिसकने लगी और धीरे-धीरे सड़क के नीचे का हिस्सा कमजोर हो गया. सोमवार की भोर अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और वहां गहरा गड्ढा बन गया. घटना के बाद हाईवे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. सड़क धंसने की वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े करती है. अब बारिश के मौसम में हाईवे के इस हिस्से की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर है.