Brief By Jagran.com / 2:11 PM on 24 Aug 2026
फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर उठे विवाद पर भारत सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है. यह विवाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत की ओर से बैठक में मीडिया को सवाल पूछने की अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया गया था. सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ANI ने बताया कि किसी भी VVIP दौरे से पहले नेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा करना सामान्य प्रक्रिया है. भारतीय पक्ष ने भी इसी प्रक्रिया के तहत ऐसे दौरों के लिए अपनी मानक व्यवस्था और प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा की थी. सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद मामले को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है.
दरअसल, शनिवार को Economic Times World Leaders Forum में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने G7 सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात को लेकर दावा किया था. उनके मुताबिक, जून में फ्रांस में हुई बैठक से पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से कहा था कि मीडिया को बैठक में मौजूद रहने दिया जाए, लेकिन पत्रकारों को सवाल पूछने का अवसर न दिया जाए. गोर ने बताया कि बैठक से पहले वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मौजूद थे और दोनों नेताओं की बातचीत से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने उनसे पूछा था कि भारतीय पक्ष की कोई मांग है या नहीं. इस पर गोर ने कथित तौर पर बताया कि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से केवल यही अनुरोध था कि मीडिया को आमंत्रित किया जाए, लेकिन पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस न हो.
सर्जियो गोर के अनुसार, उन्होंने भारतीय पक्ष की इस प्राथमिकता की जानकारी राष्ट्रपति ट्रंप को दी और ट्रंप ने इस पर सहमति जताई. इसके बाद मोदी और ट्रंप की बैठक शुरू हुई, जिसमें मीडियाकर्मी और तकनीकी टीम मौजूद थी. बैठक की शुरुआत में दोनों नेताओं ने कुछ मिनटों तक बातचीत की और अपने शुरुआती बयान दिए. हालांकि, भारत सरकार ने अब स्पष्ट किया है कि VVIP यात्राओं के दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से चर्चा होना सामान्य प्रक्रिया है. सरकारी सूत्रों के बयान के बाद अब मोदी-ट्रंप बैठक में मीडिया की भूमिका को लेकर सामने आए दावे और भारत सरकार की स्थिति चर्चा का विषय बने हुए हैं.