Brief By Newsbrief / 3:24 PM on 18 Jul 2026
बिहार सरकार ने 15 जुलाई 2026 की कैबिनेट बैठक में बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है. इस नियमावली के लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों को विभिन्न प्रकार के कर, दर और शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा. इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इसके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
कुछ लोगों का मानना है कि यदि नए कर व्यापक स्तर पर लागू किए जाते हैं, तो किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों, ठेला-खोमचा संचालकों, रिक्शा चालकों और पारंपरिक कारीगरों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है. इससे छोटे कारोबारों की लागत बढ़ने और ग्रामीण बाजार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. साथ ही पंचायत स्तर पर कराधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है.
दूसरी ओर, पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय संसाधन जुटाने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायतों को वित्तीय रूप से मजबूत करना ग्रामीण विकास के लिए जरूरी है, लेकिन कराधान की व्यवस्था पारदर्शी, न्यायसंगत और जनहित को ध्यान में रखकर लागू की जानी चाहिए.
यह ध्यान देने योग्य है कि नियमावली पंचायतों को कर लगाने का अधिकार देती है, लेकिन किसी विशेष कर की दर, दायरा और वास्तविक प्रभाव स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा. ऐसे में इसके प्रभाव का आकलन नियमों के लागू होने के बाद ही स्पष्ट रूप से हो सकेगा.