Brief By Newsbrief / 3:16 PM on 09 Jul 2026
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में दावा किया है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. सोनम ने अदालत से कहा कि उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि मामले में उनसे अब कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है और वह ट्रायल कोर्ट के निर्देशानुसार शिलांग में रहकर जमानत की सभी शर्तों का पालन कर रही हैं.
दरअसल, मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी. साथ ही अदालत ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि आरोपी को दिए गए गिरफ्तारी मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किए जाएं. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने फिलहाल जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे सोनम को अंतरिम राहत बरकरार रहेगी.
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी दस्तावेजों में हुई टाइपिंग की गलती को केवल प्रक्रियागत त्रुटि मानते हुए जमानत को बरकरार रखा, जबकि गिरफ्तारी के लिखित आधार आरोपी को उपलब्ध कराए गए थे. उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ टाइपिंग की गलती का था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अगली सुनवाई में यह जांच करेगा कि यह आधार कानूनी रूप से कितना टिकाऊ है. उल्लेखनीय है कि सोनम को पहले शिलांग की ट्रायल कोर्ट से जमानत मिली थी, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा.