Brief By Newsbrief / 11:53 AM on 04 Jul 2026
केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और सख्त करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन सभी का संबंध जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से है. इन पर भारत विरोधी गतिविधियों, खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं.
सरकार के अनुसार, ये लोग आतंकियों की भर्ती, सीमा पार घुसपैठ, प्रशिक्षण, ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचाने, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमलों की साजिश रचने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. सूची में शामिल कुछ लोगों को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी बताया गया है. वहीं अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद पर आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने, फंडिंग जुटाने और विभिन्न मॉड्यूल के बीच समन्वय स्थापित करने के आरोप हैं.
इस फैसले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को इन लोगों के भारत से जुड़े आर्थिक नेटवर्क, बैंकिंग लेनदेन और संपत्तियों की जांच तथा आवश्यक होने पर उन्हें जब्त करने का कानूनी अधिकार मिलेगा. गौरतलब है कि वर्ष 2019 में UAPA में संशोधन के बाद किसी व्यक्ति को भी सीधे आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया था. ताजा अधिसूचना के बाद भारत की आतंकवादी घोषित व्यक्तियों की सूची में कुल 80 नाम शामिल हो गए हैं.