Brief By Newsbrief / 4:56 PM on 20 Jun 2026
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. लगातार उठ रहे सवालों और निष्पक्ष जांच की मांग के बीच बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी. सरकार का कहना है कि जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना और किसी भी प्रकार के संदेह या भ्रम को दूर करना है.
इस मामले को लेकर विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झाने कहा था कि घटना से जुड़े वीडियो कई सवाल पैदा करते हैं. उन्होंने चार पुलिसकर्मियों के निलंबन को पर्याप्त नहीं बताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विस्तृत जांच की मांग की थी.
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो फिर गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी. अब न्यायिक जांच के फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है.