Brief By Newsbrief / 5:56 PM on 18 Jun 2026
केंद्र सरकार ने नीट-यूजी पेपर लीक (NEET-UG Paper Leak) मामले में टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनलों पर हुई गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इस मामले में टेलीग्राम ऐप के दुरुपयोग से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें मिली थीं. इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जांच करते हुए ऐसे दर्जनों टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बोट्स की पहचान की, जो परीक्षा से पहले लीक हुए प्रश्नपत्रों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और धोखाधड़ी जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल थे.
अदालत में पेश किए गए हलफनामे के मुताबिक, सरकार ने शुरुआत में टेलीग्राम पर तुरंत कोई बड़ी पाबंदी लगाने या इसे ब्लॉक करने जैसा सख्त कदम नहीं उठाया, बल्कि बातचीत का रास्ता चुना. अधिकारियों ने बेहद कम प्रतिबंधात्मक रवैया अपनाते हुए 3 जून, 2026 को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों को एक आपातकालीन बैठक के लिए बुलाया. इस बैठक के दौरान, भारत सरकार ने कड़ी चिंता जताई कि टेलीग्राम का सिस्टम लीक हुए प्रश्नपत्रों को फैलाने वाले संदिग्ध चैनलों की पहचान करने और उन पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम रहा है. इसके जवाब में, टेलीग्राम ने ऐसे अवैध कंटेंट का स्वचालित रूप से पता लगाने में अपनी तकनीकी सीमाओं को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि उनके मॉडरेटर्स रिपोर्ट किए गए चैनलों पर कार्रवाई कर रहे थे.
गौरतलब है कि नीट यूजी-2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक होने और धांधली के सबूत सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. अब सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कड़े इंतजामों के बीच नीट यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होने जा रही है. केंद्र सरकार ने हलफनामे में यह भी भरोसा दिलाया है कि इस बार देश भर के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं और भविष्य में ऐसी तकनीकी कमियों और गड़बड़ियों को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं.