Brief By Newsbrief / 12:48 PM on 17 Jun 2026
G7 शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच से कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया. अपने संबोधन में उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों और नाविकों का जिक्र करते हुए समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को जोड़ने वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार की एक अहम कड़ी है. इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इसलिए समुद्री व्यापार को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखना जरूरी है.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आपसी भरोसे के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि तकनीक और व्यापार ने दुनिया को पहले से अधिक करीब लाया है, लेकिन देशों के बीच विश्वास की कमी अब भी महसूस की जाती है. मजबूत वैश्विक साझेदारी के लिए भरोसा सबसे महत्वपूर्ण आधार है.
पीएम मोदी ने "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत पूरी दुनिया को एक परिवार मानकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि विकासशील देशों को केवल सहायता नहीं, बल्कि बराबरी की भागीदारी की आवश्यकता है.
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत यूएई, जापान, दक्षिण कोरिया, मिस्र और केन्या के नेताओं से मुलाकात की. विभिन्न बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई.