Brief By Newsbrief / 7:08 PM on 04 Jun 2026
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से को आधिकारिक तौर पर 'नो प्रोटेस्ट जोन' (विरोध निषेध क्षेत्र) घोषित कर दिया गया है. पुलिस प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों की सुचारू व सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सख्त प्रतिबंध गौतमबुद्ध नगर जिले के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक्सप्रेसवे के करीब 41 किलोमीटर लंबे हिस्से पर पूरी तरह लागू रहेगा.
गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बड़ा निर्णय 22 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों और आदेशों के अनुपालन में लिया गया है. दरअसल, पिछले कुछ महीनों के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न श्रमिक संगठनों और स्थानीय समूहों द्वारा कई विरोध प्रदर्शन किए गए थे, जिससे एक्सप्रेसवे पर भारी जाम और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियां खड़ी हो गई थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए अब एक्सप्रेसवे पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक, गैर-राजनीतिक या अन्य संगठनों के धरने-प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
इस नए आदेश को कड़ाई से लागू करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के सभी प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स सहित संवेदनशील स्थानों, पुलिस आयुक्त कार्यालय और संबंधित थानों में सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से इस प्रतिबंध की जानकारी लगातार प्रसारित की जा रही है. अधिकारियों का साफ कहना है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले या एक्सप्रेसवे के यातायात में व्यवधान डालने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.