Brief By Newsbrief / 6:48 PM on 04 Jun 2026
बिहार के बांका जिले में पुलिस की लापरवाही और पहचान में हुई गड़बड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. धोरैया थाना क्षेत्र में अज्ञात शव की गलत पहचान के चलते एक बड़ा भ्रम पैदा हो गया.
मामला तब शुरू हुआ जब रजौन थाना क्षेत्र के पुनसिया में एक अज्ञात वृद्ध का शव बरामद हुआ. पोस्टमॉर्टम के बाद शव की पहचान के लिए आसपास के थानों में सूचना भेजी गई. इसी दौरान भगवानपुर के सगीर अंसारी के परिजनों ने शव को अपने लापता पिता का बताकर दावा कर दिया. पुलिस ने भी शव उन्हें सौंप दिया और अंतिम संस्कार कर दिया गया.
लेकिन दो दिन बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई जब भागलपुर के गोविंदपुर निवासी रामकृष्ण मोहली के परिजन सामने आए और वायरल तस्वीर देखकर शव को अपना बताया. उन्होंने पुलिस से शव वापस दिलाने की मांग की. इसी बीच सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सगीर अंसारी, जिन्हें मृत मानकर दफना दिया गया था, चार महीने बाद जिंदा घर लौट आए.
परिजन और पुलिस दोनों इस स्थिति से हैरान रह गए. बाद में आपसी बातचीत और सूझबूझ के जरिए कब्र से शव निकाला गया और उसे रामकृष्ण मोहली के परिजनों को सौंप दिया गया.
पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि स्थानीय स्तर पर समझदारी से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया और दोनों परिवारों ने इसे गलतफहमी बताया.