Brief By Newsbrief / 6:16 PM on 04 Jun 2026
पटना : बिहार में राजस्व सेवाओं की गति सुधारने और आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध समाधान को सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब केवल फाइलों का निपटारा पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सभी जिलों, एडीएम, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों को राज्य की टॉप-10 रैंकिंग में स्थान हासिल करने के लक्ष्य के साथ कार्य करना होगा. खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जाएगी.
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के सातवें दिन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर, बक्सर और बांका जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में जिलों की रैंकिंग, लंबित मामलों की स्थिति और जनसेवा से जुड़े कार्यों का मूल्यांकन किया गया. मुजफ्फरपुर के प्रदर्शन पर असंतोष जताते हुए मंत्री ने सुधार के निर्देश दिए, जबकि बक्सर में भी कई अंचलों की कम रैंकिंग पर चिंता व्यक्त की गई. वहीं बांका जिले के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई, लेकिन सभी स्तरों पर समान सुधार की आवश्यकता बताई गई.
मंत्री ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्रतिदिन जितने नए आवेदन प्राप्त होते हैं, उससे अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि लंबित मामलों का बोझ कम हो सके.
करीब तीन घंटे चली इस समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं और पोर्टलों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. मंत्री ने साफ कहा कि अगली समीक्षा में खराब प्रदर्शन पर सीधे विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब राजस्व व्यवस्था में सुधार केवल लक्ष्य तय करने से नहीं, बल्कि परिणाम देने से ही संभव होगा और इसकी निगरानी लगातार की जा रही है.