Back

फरीदाबाद में डॉक्टरों का कमाल: 24 महीने के मासूम ने निगला टीवी रिमोट का बल्ब, जटिल सर्जरी कर बचाई जान

Brief By Newsbrief / 4:12 PM on 27 May 2026


फरीदाबाद के अमृता अस्पताल से चिकित्सा जगत की एक हैरान कर देने वाली सफलता सामने आई है, जहां डॉक्टरों ने बेहद जटिल प्रक्रिया के जरिए एक 24 महीने के बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब सुरक्षित बाहर निकाला है. मासूम को पिछले कुछ समय से लगातार खांसी, सांस लेने में गंभीर तकलीफ और तेज बुखार की समस्या थी. परिजन उसे कई बाल रोग विशेषज्ञों के पास ले गए, लेकिन दवाओं का कोई असर नहीं हो रहा था. धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ने पर जब अस्पताल में गहन जांच की गई, तो रिपोर्ट देखकर परिवार के होश उड़ गए. बच्चे के फेफड़े के अंदर रिमोट का बल्ब फंसा हुआ था, जो उसकी जान के लिए बड़ा खतरा बन चुका था.

गंभीर हालत को देखते हुए बच्चे को 11 मई को अमृता अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने पाया कि बल्ब बच्चे के दाहिने फेफड़े की निचली ब्रोंकस (सांस की पतली नली) में काफी गहराई तक धंसा हुआ था. चूंकि बल्ब में नुकीले धातु के तार और नाजुक कांच का हिस्सा शामिल था, इसलिए यह मामला बेहद जोखिमभरा था. लंबे समय तक वहां फंसे रहने के कारण नली के अंदर सूजन आ गई थी और ग्रैनुलेशन टिश्यू बन चुके थे, जिसने ऑपरेशन को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीडियाट्रिक पल्मोनोलाजी, एडल्ट पल्मोनोलाजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की संयुक्त विशेषज्ञ टीम ने आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी करने का निर्णय लिया.

ऑपरेशन थिएटर में डॉ. मनिंदर ढालीवाल, डॉ. सौरभ पाहुजा और डॉ. रिधिमा भाटिया समेत कई सीनियर डॉक्टरों की टीम ने एडवांस ब्रोंकोस्कोपी तकनीक की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक उस बल्ब को फेफड़े से बाहर निकाल लिया. बल्ब निकलते ही बच्चे की सांस तुरंत सामान्य हो गई और वह अब पूरी तरह खतरे से बाहर है, जिसे अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है. डॉक्टरों ने इस घटना के बाद माता-पिता को सचेत करते हुए अपील की है कि वे बच्चों को टीवी-एसी का रिमोट, चाबी या मोबाइल जैसी चीजें खेलने के लिए न दें. छोटे बच्चों के खिलौनों का चुनाव हमेशा सावधानीपूर्वक करना चाहिए क्योंकि ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.

Read more on Newsbrief