Brief By Newsbrief / 3:47 PM on 27 May 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारी राजनीतिक झटका लगा है. बारासात से टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार (27 मई, 2026) को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने महिला तृणमूल विंग के अध्यक्ष पद सहित अपने सभी सांगठनिक उत्तरदायित्वों को छोड़ दिया है, हालांकि वे लोकसभा सांसद के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी. सांसद ने बताया कि उन्होंने यह कड़ा कदम एक "गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श" के बाद उठाया है, जिससे पार्टी में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है.
सांसद काकोली घोष ने अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी निराशा और नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान एक अन्य शिक्षित महिला सांसद द्वारा साथी महिला सांसदों के साथ किए जा रहे अनुचित व्यवहार को रोक पाना संभव नहीं हो सका, और इस विषय पर उन्हें पार्टी के उच्च नेतृत्व से कोई सहयोग या सहानुभूति भी नहीं मिली. ऐसी असहयोगपूर्ण स्थिति में पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं था. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली और नैतिक मूल्यों को लेकर भी सार्वजनिक मंच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
काकोली घोष दस्तीदार के अनुसार, पिछले एक दशक में राज्य और पार्टी से जुड़े कई गंभीर मामलों ने उनकी अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुए राशन वितरण घोटाले, शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार और विभिन्न प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने जनता के बीच गहरा अविश्वास पैदा किया है. इसके अतिरिक्त, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की अस्वाभाविक मौत और उसके सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों ने समाज को हिलाकर रख दिया है, जिसके नैतिक प्रभाव के कारण उन्होंने यह इस्तीफा दिया है.