Brief By Newsbrief / 3:31 PM on 26 May 2026
लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र स्थित कसमंडी कला गांव में एक पुराने ढांचे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. पासी समाज इस भवन को महाराजा राजपासी कंस का किला स्थित शिव मंदिर बता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मकबरा होने का दावा कर रहा है. इसी विवाद के बीच लाखन पासी आर्मी और कई हिंदू संगठनों के लोग वहां हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विवादित स्थल के आसपास भारी पुलिस बल और पीएसी जवानों की तैनाती कर दी है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी पक्ष को वहां धार्मिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
बताया जा रहा है कि गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित दो पुराने ढांचों को लेकर दोनों समुदायों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है. हिंदू पक्ष ने इन ढांचों की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई और राज्य पुरातत्व निदेशालय से कराने की मांग की है. लाखन पासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने कहा कि यदि शासन एक सप्ताह के भीतर कोई निर्णय नहीं लेता, तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार को विवादित स्थल पर नमाज पढ़ने की कोशिश की थी, जबकि शनिवार को हिंदू पक्ष ने हनुमान चालीसा पाठ की अनुमति मांगी, जिसे प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया.
पुलिस प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है. विवादित स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां नमाज नहीं पढ़ी जाती थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से कुछ लोग वहां नमाज अदा कर रहे हैं. वहीं पासी समाज का आरोप है कि ढांचे के अंदर बनी समाधि हाल ही में बनाई गई है और बाहर लगा बोर्ड भी नया लगाया गया है. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार का तनाव या कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.