Brief By Newsbrief / 11:39 AM on 26 May 2026
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इसी बीच दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आई है. अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा के नाम पर दक्षिणी ईरान में हमला किया है. अमेरिकी केंद्रीय कमान यानी सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने फॉक्स न्यूज को बताया कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि ईरानी सेना से उत्पन्न खतरों को देखते हुए मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया गया.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त बयान दिया है. मेमोरियल डे संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाए या फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में उसे नष्ट कर दिया जाए. ट्रंप ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में परमाणु ऊर्जा आयोग जैसी कोई स्वतंत्र संस्था गवाह के तौर पर मौजूद रहनी चाहिए.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे तटीय इलाकों में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. स्थानीय लोगों के मुताबिक अचानक हुए धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई. हालांकि इन विस्फोटों का सटीक कारण और स्थान तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है. लगातार बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है.