Brief By Newsbrief / 7:37 AM on 25 May 2026
हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है, लेकिन सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन शिवभक्त व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करते हैं और भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला था, तब पूरी सृष्टि पर संकट मंडराने लगा था. ऐसे समय में भगवान शिव ने विष को अपने कंठ में धारण कर संसार की रक्षा की थी. माना जाता है कि यह घटना सोमवार से जुड़ी है, इसलिए यह दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है.
एक अन्य कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. उनकी तपस्या सोमवार के दिन पूर्ण हुई और भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया. इसी कारण सोमवार को शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक भी माना जाता है.
धार्मिक मान्यता है कि सोमवार का व्रत रखने और शिव पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि गृहस्थ परिवार की खुशहाली और संकटों से मुक्ति के लिए भोलेनाथ की आराधना करते हैं.