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बिना मान्यता वाले स्कूलों पर बिहार शिक्षा विभाग का सख्त एक्शन

Brief By Newsbrief / 6:35 PM on 23 May 2026


बिहार में बिना प्रस्वीकृति (मान्यता) के चल रहे निजी विद्यालयों पर अब शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि ऐसे सभी स्कूलों की पहचान कर नियमों के तहत कार्रवाई की जाए. विभाग ने कहा है कि बच्चों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 और बिहार राज्य नियमावली, 2011 के तहत बिना अनुमति किसी भी निजी विद्यालय का संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है. ऐसे स्कूलों को अब अंतिम अवसर दिया गया है कि वे 10 जून तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन कर मान्यता प्राप्त करें. ऑनलाइन आवेदन के लिए edu-online.bihar.gov.in पोर्टल को सक्रिय किया गया है, जहां स्कूल संचालक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं. विभाग ने साफ कहा है कि यह अंतिम मौका होगा और इसके बाद किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार जिले में फिलहाल 816 निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त है, जबकि कई स्कूलों की प्रक्रिया अभी चल रही है. इसके अलावा जो विद्यालय बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं, उन्हें अवैध माना जाएगा. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कठोर कार्रवाई होगी. अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत बिना मान्यता स्कूल चलाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही निर्धारित समय सीमा के बाद भी संचालन जारी रखने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त दंड भी लगेगा. विभाग ने सभी जिलों को ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इस सख्ती के बाद निजी स्कूल संचालकों में हलचल बढ़ गई है और कई संस्थानों ने मान्यता प्रक्रिया में तेजी ला दी है. शिक्षा विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है.

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