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बिहार पुलिस का डिजिटल छलांग, अब हाईटेक तकनीक से होगी अपराधियों की पहचान

Brief By Newsbrief / 6:28 PM on 18 May 2026


बिहार पुलिस ने राज्य में अपराध नियंत्रण और जांच प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच 1 लाख 12 हजार से अधिक FIR को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा गया है, जबकि 44 हजार से ज्यादा फाइनल रिपोर्ट्स डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की गई हैं. इस बदलाव से केस की मॉनिटरिंग, जांच और निष्पादन प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज और प्रभावी हुई है. अब बिहार पुलिस की जांच प्रणाली तेजी से CCTNS, E-Sakshya, ICJS और NAFIS जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो रही है. E-Sakshya ऐप के जरिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे सबूतों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ी है. वहीं NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) की मदद से फिंगरप्रिंट मिलान और अपराधियों की पहचान बेहद तेजी से की जा रही है, जिससे पुराने अपराधियों तक पहुंच आसान हो गई है. ICJS सिस्टम के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच डेटा साझा कर जांच को और तेज किया जा रहा है. इससे अलग-अलग मामलों को जोड़कर बड़े अपराध नेटवर्क का खुलासा करना भी आसान हो गया है. इसके साथ ही बिहार पुलिस अपने अधिकारियों और जांच टीमों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक और डिजिटल इन्वेस्टिगेशन पर विशेष प्रशिक्षण भी दे रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक आधारित प्रणाली जांच को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और तेज बनाएगी. इस डिजिटल बदलाव से बिहार में पुलिसिंग सिस्टम को नई दिशा मिल रही है, जिससे आने वाले समय में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में बड़ी मदद मिलेगी.

 

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