Brief By Newsbrief / 6:01 PM on 18 May 2026
पटना. बिहार की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 बेहद खास साबित हुआ है. राज्य ने पहली बार Credit-Deposit Ratio में 60 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड कायम किया है. इसे निवेश, ऋण वितरण और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का बड़ा संकेत माना जा रहा है.
राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में बताया गया कि बिहार का CD Ratio बढ़कर 60.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2018-19 में यह केवल 44.09 प्रतिशत था.
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में कुल जमा राशि बढ़कर ₹6,15,428 करोड़ तक पहुंच गई है. वहीं कुल ऋण वितरण का आंकड़ा ₹3,70,563 करोड़ दर्ज किया गया. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में जमा राशि में ₹51,983 करोड़ और ऋण वितरण में ₹37,882 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है.
विकास आयुक्त ने कहा कि कृषि, MSME, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है. उन्होंने बैंकों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण तेज करने के निर्देश दिए.
किसान क्रेडिट कार्ड योजना पर विशेष जोर दिया गया. 19 मई से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सहयोग शिविर अभियान शुरू होगा. हर 15 दिनों पर शिविर लगाकर KCC आवेदन, नवीनीकरण और बैंकिंग समस्याओं का समाधान होगा. KCC को जन समर्थ पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा.सबसे बेहतर CD Ratio वाले बैंकों में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, बंधन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शीर्ष पर रहे. SBI, PNB, बैंक ऑफ इंडिया और IDBI के कम CD Ratio पर चिंता जताई गई. इन्हें कृषि और MSME में ऋण बढ़ाने के निर्देश दिए गए.