Brief By Newsbrief / 4:58 PM on 10 May 2026
भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. Defence Research and Development Organisation ने शनिवार को “एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर” के दूसरे सफल परीक्षण की घोषणा की. यह परीक्षण हैदराबाद स्थित Defence Research and Development Laboratory में किया गया. परीक्षण 1,200 सेकंड यानी लगभग 20 मिनट से अधिक समय तक चला, जिसमें स्क्रैमजेट इंजन ने सफलतापूर्वक लगातार कार्य किया. इसे भारत के हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस परीक्षण ने यह साबित किया कि स्क्रैमजेट इंजन अत्यधिक तापीय भार को लंबे समय तक सहन करने में सक्षम है. हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भरती हैं, जिसके कारण उनमें अत्यधिक गर्मी पैदा होती है. ऐसे में एक्टिव कूलिंग तकनीक इंजन और मिसाइल को सुरक्षित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है. मंत्रालय ने कहा कि यह दीर्घकालिक परीक्षण भारत को उन्नत एयरोस्पेस तकनीक विकसित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक भविष्य की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के विकास में निर्णायक साबित होगी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, उद्योग भागीदारों और वैज्ञानिकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है. भारत पिछले कई वर्षों से स्वदेशी हाइपरसोनिक तकनीक विकसित करने पर काम कर रहा है और यह परीक्षण दिखाता है कि देश अब शुरुआती प्रयोगों से आगे बढ़कर भरोसेमंद और लंबे समय तक संचालन करने वाली तकनीक विकसित करने में सक्षम हो रहा है. यह उपलब्धि भविष्य में भारत की सामरिक ताकत और रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी.