Brief By Newsbrief / 12:36 PM on 01 May 2026
रतन टाटा का नाम भारत में सादगी, ईमानदारी और समाजसेवा के लिए बड़े सम्मान से लिया जाता है। अरबों की संपत्ति के बावजूद वह हमेशा आम लोगों से जुड़े रहे। उनका सपना था कि देश का हर मध्यम वर्गीय परिवार भी सुरक्षित और सम्मानजनक सफर कर सके।
इस सपने की शुरुआत एक भावुक घटना से हुई। एक दिन उन्होंने सड़क पर एक बाइक पर चार लोगों का परिवार देखा, जो बारिश में भीगते हुए जोखिम भरा सफर कर रहा था। यह दृश्य उन्हें अंदर तक झकझोर गया। तभी उनके मन में विचार आया कि ऐसी कार बनाई जाए, जो सस्ती हो और आम आदमी की पहुंच में हो।
इसके बाद टाटा मोटर्स ने वर्षों की मेहनत और रिसर्च के बाद 2008 में टाटा नैनो को लॉन्च किया। करीब 1 लाख रुपये की कीमत वाली यह कार दुनिया की सबसे सस्ती कार बनी। इसे खास तौर पर छोटे परिवारों के लिए डिजाइन किया गया था।
हालांकि बाजार में नैनो ज्यादा सफल नहीं रही, लेकिन यह आज भी एक ऐसी सोच का प्रतीक है, जो आम लोगों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने की कोशिश थी।