Brief By Newsbrief / 8:06 PM on 27 Apr 2026
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र के दिलमपुर में उस समय एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला जब बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी का अंतिम संस्कार पारंपरिक तरीके से न होकर एक भव्य उत्सव की तरह किया गया। कौशल्या देवी, जो कि डॉक्टर जनार्दन पांडेय की पत्नी थीं, के निधन के बाद उनके परिजनों ने उन्हें सम्मान और प्रेम के साथ विदा करने का निर्णय लिया।
परिजनों के अनुसार, कौशल्या देवी ने अपना जीवन गरिमा और खुशहाली के साथ जिया था, इसलिए उनकी अंतिम यात्रा को शोक नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने की इच्छा जताई गई। इसी के तहत 700 लग्जरी गाड़ियों का काफिला, 100 से अधिक ड्रोन, ढोल-नगाड़े और डीजे की व्यवस्था की गई।
शव यात्रा के दौरान सड़क पर उत्सव जैसा माहौल था। डीजे पर बजते निर्गुण गीतों की धुन पर परिजन और स्थानीय लोग नाचते-गाते श्मशान घाट की ओर बढ़ते नजर आए। शव वाहन के आगे बैंड-बाजे की धुन ने पूरे माहौल को भावुक और अनोखा बना दिया।
इस दृश्य को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। कई लोगों के लिए यह दृश्य आश्चर्य और भावनाओं से भरा रहा। कुछ ने इसे एक प्रेरणादायक विदाई बताया, तो कुछ ने इसे परंपरागत सोच से अलग एक नई पहल के रूप में देखा। यह अनोखी शव यात्रा पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।