Brief By Newsbrief / 1:13 PM on 27 Apr 2026
देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पास है, लेकिन इसके काम करने के तरीके को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। NTA की स्थापना 2018 में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में की गई थी। यह JEE Main, NEET UG, UGC NET, CMAT और GPAT जैसी परीक्षाओं का संचालन करता है।
परीक्षाओं के आयोजन के लिए NTA एक बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाता है। प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ली जाती है। परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में आयोजित की जाती हैं। ऑफलाइन परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों में रखा जाता है और परीक्षा से ठीक पहले केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों को ऑब्जर्वर और अधिकारियों की मौजूदगी में खोला जाता है। कई जगह डबल लॉक सिस्टम और जैमर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
इसके बावजूद, पूरी प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग और मानवीय हस्तक्षेप के कारण कुछ जोखिम बने रहते हैं। बैंक से केंद्र तक प्रश्नपत्र ले जाने या तकनीकी सिस्टम में खामियों के चलते पेपर लीक जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में विशेषज्ञ पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हैं, ताकि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कायम रह सके।