Brief By Newsbrief / 1:13 PM on 18 Mar 2026
पटना के कंकड़बाग स्थित एवर्स हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल पर आरोप है कि हर्निया के इलाज के नाम पर एक महिला की बच्चेदानी निकाल दी गई, ताकि आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक राशि वसूली जा सके। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब 28 जनवरी को तत्कालीन सिविल सर्जन द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट में अस्पताल को दोषी ठहराया गया।
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अनियमितताओं की बात सामने आई, बावजूद इसके अब तक अस्पताल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मंगलवार को जब इस संबंध में वर्तमान सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल से सवाल किया गया, तो उन्होंने खुद को नया बताते हुए मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल चिकित्सा नैतिकता का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के भरोसे के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।