Brief By Newsbrief / 11:30 AM on 18 Feb 2026
पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण व्याख्यान में सैक-इसरो के निदेशक नीलेश एम. देसाई ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व और उसके व्यावहारिक उपयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक अंतरिक्ष तकनीक अब केवल अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि बिहार मौसम सेवा केंद्र और सैक-इसरो मिलकर आपदा पूर्वानुमान प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके तहत पश्चिम चंपारण और भागलपुर में अत्याधुनिक डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। इन रडारों की मदद से चक्रवात और अन्य मौसम संबंधी आपदाओं की लगभग 15 दिन पहले सटीक चेतावनी जारी की जा सकेगी।
इस पहल से न केवल प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा, बल्कि प्रशासन को समय रहते आवश्यक तैयारियां करने का अवसर भी मिलेगा। यह कदम बिहार में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और जन-कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।