Brief By Newsbrief / 1:51 AM on 23 Nov 2021
यूनिक आईडी नंबर (आधार) देशभर में लागू हुए लगभग एक दशक से अधिक समय हो चुका है। इसके बावजूद भी आज भी समाज के कमज़ोर तबके के कई लोग इस सुविधा से वंचित हैं। यही वजह है कि आधार कार्ड नहीं होने से वे अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ नहीं उठा पाते। जमशेदपुर के घोड़ाबांधा क्षेत्र में ऐसे लोगों की संख्या लगभग एक दर्जन से भी अधिक हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिनके घर में आगजनी की घटना होने से सारे महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गये। शिक्षा का स्तर नीचे होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग जानकारी के और उचित मार्गदर्शन के अभाव में आजतक भटकते फिर रहे हैं। निराश होकर लोगों ने कोशिश भी छोड़ दी है। ऐसे ही एक मामले को भाजपा नेता सह शिक्षा सत्याग्रह के अध्यक्ष अंकित आनंद ने जिला प्रशासन के संज्ञान में लाकर उचित समाधान का निवेदन किया है।
सोमवार को अंकित आनंद ने ट्विटर के मार्फ़त उपायुक्त सूरज कुमार, सामाजिक सुरक्षा विभाग और जमशेदपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी से सहयोग का निवेदन किया है। दर असल घोड़ाबांधा से सटे दालखम बस्ती निवासी 65 वर्ष से अधिक आयु की 'खिरोनी लोहार' का आजतक आधार कार्ड नहीं बन सका है। जबकि UID के देशभर में लागू हुए लगभग 1 दशक हो चुके हैं। आधार कार्ड नहीं होने से "खिरोनी लोहार" राशनकार्ड, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन सरीखे जरूरी सरकारी लाभ से भी वंचित हैं। इनके पति स्व. कालीचरण लोहार का कई वर्ष पहले ही निधन हो चुका है। वृद्ध खिरोनी दालखम बस्ती में अकेली ही रहती हैं। उनकी बेटियों का कई वर्ष पहले विवाह हो चुका है। आस-पड़ोस के लोगों की मदद से वृद्धा के भोजन का प्रबंध हो जाता है। स्थानीय लोगों के आग्रह पर भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला प्रवक्ता अंकित आनंद वृद्धा खिरोनी लोहार से मिलने पूर्वी घोड़ाबंधा पंचायत के दालखम बस्ती पहुँचें। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आधार कार्ड नहीं होने से राशनकार्ड, वृद्धा पेंशन का लाभ भी खिरोनी को नहीं मिलता। वृद्धा ने उम्मीद भी छोड़ दी है। अंकित ने सोमवार को उपायुक्त सूरज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित सामाजिक सुरक्षा विभाग और राशनिंग अधिकारियों को ट्वीट करते हुए इस मामले में प्रतिबद्धता से पहल करने के लिए निवेदन किया है। भाजपा नेता अंकित आनंद ने कहा कि सरकार के "आपके अधिकार, आपके द्वार" कार्यक्रम की सार्थकता इसी में निहित है कि ऐसे निराश्रित, कमज़ोर और वंचित लोगों तक सरकारी विभाग और अधिकारी पहुंचें। अंकित ने कहा कि पंचायत भवनों में शिविर लगाने से महज सामर्थ्यवान लोग ही पहुँच पाते हैं। अशिक्षित और संसाधन विहीन लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। भाजपा नेता अंकित आनंद ने जिला प्रशासन से अपील की है कि जरूरी है कि हर पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण कराकर ऐसे वंचित लोगों को चिन्हित किया जाये ताकि उनतक सरकारी मदद पहुँच सके।