Brief By Newsbrief / 1:01 AM on 03 Dec 2021
पाकुड़िया( पाकुड़ ) :- पाकुड़िया स्थित मोंगलाबान्ध गाँव में गुरुवार को करीब 3 बजे दिन में होंडा शोरूम के होंडा शोरूम भवन में भीषण आग लग जाने से देखते ही देखते लोगो की आँखों के सामने सब कुछ जल कर स्वाहा हो गया । आग कैसे लगी इसके सटीक कारणों का पता नही चल पा रहा है, हालांकि कुछ परिजनों के मुताबिक आग शार्ट सर्किट से जान पड़ती है, आग सबसे पहले होंडा एमवी ऑटोमोबाइलस के सर्विस सेंटर में लगी जहां से तुरंत बाद आग का फैलाव शो रूम के गोदाम तक हो गया जहाँ रखा लाखो का कीमती मोटरसाइकिल पार्ट्स ,टायर,ट्यूब, हेलमेट,नई पुरानी मोटरसाइकिल आदि जलकर स्वाहा हो गया,इसके बाद आग का फैलाव शोरूम मालिक के आवास तक हो गया,जिससे मिनटों में पूरे घर का सामान जलकर राख हो गया ,हालांकि अगलगी की सूचना थाना प्रभारी पाकुड़िया चन्दन गुप्ता बीडीओ मनोज कुमार, सीओ किरण कुमार डांग आदि के द्वारा ठीक समय पर दुमका और पाकुड़ जिला जिला प्रशासन सहित अग्निशमन विभाग को दे दी गयी थी,लेकिन घन्टो बाद जब सब कुछ जल कर स्वाहा हो गया तो अंदर से उठ रहा धुंए को बुझाने के लिए एक दमकल की गाड़ी पाकुड़ से पहुँची । जबकि इसके पूर्व स्थानीय थाना प्रभारी चन्दन गुप्ता की सूझबूझ एवं समझदारी के फलस्वरूप ट्रेक्टर में लगा दो पानी टँकी ,एक डम्फर डस्ट आदि अन्य सामानो से आग को बुझाने का सफल प्रयास किया गया,जिस कारण आसपास के सटे घरों को जलने से बचा लिया गया । आग बुझाने के काम मे पाकुड़िया के सभी समुदायों के लोगो ने बढ़चढ़ कर सहयोग कर आग को फैलने से रोका । इस बाबत शोरूम मालिक के बड़े भाई मनोज कुमार वर्मा बताया कि इस अग्निकांड से मेरी जिंदगी भर की कमाई मिनटों में नजर के सामने जलकर खाक हो गया,साथ मेरे जितने भी सरकारी, बैंकिंग,इंश्योरेंस, आधार कार्ड,पेन कारक,शो रूम से संबंधित जरूरी कागजात, इन्श्योरेंस के बंधपत्र, बच्चों के सर्टिफिकेट, कपड़ा लता,नगदी रुपया,बर्तन,सहित दोनो भाइयो की जिंदगी भर की कमाई ,तीन घर आदि अन्य अनेको जरूरी सामान जलकर राख हो गया, शोरूम और निवास घर जलने से मै कहीं का नही रहा, मनोज वर्मा ने दुखित होकर बताया की प्रखंड मुख्यालय में एक अदद अग्निशमन वाहन रहता तो इस क्षति को कम किया जा सकता,उन्होंने इस विकट एवं विपरीत परिस्थिति में सरकार से उचित मुवावजा राशि देने के मांग की है । एक अनुमान के मुताबिक इस आगजनी से करोड़ों का नुकसान हुआ है जिसे लेकर घर के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, परिजन बार बार बेहोश हो रहे थे जिसे आसपास के लोग सम्भाल रहे थे ।