Brief By Jagran.com / 6:08 PM on 04 Oct 2026
भारत अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को लगातार आधुनिक और मजबूत बना रहा है. 'बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत के पास करीब 190 परमाणु वॉरहेड हो सकते हैं. परमाणु हथियारों के साथ ही भारत के पास उन्हें निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग प्रकार के एयरक्राफ्ट, जमीन से प्रक्षेपित की जाने वाली मिसाइलें और समुद्र आधारित प्रणालियां मौजूद हैं. इन क्षमताओं के कारण भारत के पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार तैनात करने की क्षमता है, जिसे 'न्यूक्लियर ट्रायड' कहा जाता है.
हंस एम. क्रिस्टेंसन, मैट कोर्डा, एलियाना जॉन्स और मैकेंजी नाइट-बॉयल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अनुमानित तौर पर 190 तक परमाणु वॉरहेड के लिए सामग्री और क्षमता विकसित की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई दिल्ली अपने परमाणु हथियारों को ले जाने वाले डिलीवरी सिस्टम का लगातार आधुनिकीकरण कर रही है. इसमें लड़ाकू विमानों के अलावा अलग-अलग दूरी की जमीन आधारित बैलिस्टिक मिसाइलें और समुद्र से संचालित होने वाली परमाणु प्रणालियां शामिल हैं. लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं के विकास ने भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता का दायरा भी बढ़ाया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का परमाणु कार्यक्रम केवल वॉरहेड की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी और सुरक्षित डिलीवरी सिस्टम तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसी रणनीति के तहत जमीन, हवा और समुद्र आधारित परमाणु क्षमताओं को आधुनिक बनाया जा रहा है. रिपोर्ट में भारत की घोषित 'नो फर्स्ट यूज' नीति का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की प्रतिबद्धता जताई गई है. हालांकि, परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है, इसलिए 190 वॉरहेड का आंकड़ा स्वतंत्र विशेषज्ञों का अनुमान है.