Brief By Jagran.com / 4:10 PM on 04 Oct 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, शशि थरूर और पवन खेड़ा समेत कई नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. आम आदमी पार्टी ने भी मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्र नेता नेहा बोरा का वीडियो साझा करते हुए घटना को "बेहद शर्मनाक" बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा का विरोध कर रही महिलाओं का खुद पुलिसकर्मियों की कथित हिंसा का शिकार होना गंभीर मामला है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी X पर पोस्ट कर महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी पुलिस के व्यवहार को लेकर शिकायत की है. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पत्रकारों के विरोध के बावजूद मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि जिस पुलिस की जिम्मेदारी महिलाओं को सुरक्षा देना है, उसी पर महिलाओं को असुरक्षित महसूस कराने के आरोप लग रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर पुलिसकर्मियों पर ही महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने के आरोप लगें तो पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए कहां जाएंगी. खेड़ा ने गृह मंत्री अमित शाह से एफआईआर दर्ज कराने और आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की. वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर विरोध जताया. उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया.