Brief By Jagran.com / 3:59 PM on 04 Oct 2026
राजधानी दिल्ली में शनिवार, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. प्रदर्शन को कवर करने पहुंचीं तीन महिला पत्रकारों ने एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं. एक महिला पत्रकार का आरोप है कि जब उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से छुआ और धक्का देकर वहां से हटा दिया. घटना के बाद पत्रकारों ने पुलिस के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और मामले में कार्रवाई की मांग की.
महिला पत्रकार के मुताबिक, घटना के बाद वे संबंधित पुलिस स्टेशन पहुंचीं और पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत देकर मामला दर्ज करने की मांग की. हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस की ओर से तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद मामला सामने आने पर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया भी आई. दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए बताया कि 3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली इलाके में एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालते समय तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने शिकायतें मिलने की पुष्टि की है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले को तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है. क्राइम ब्रांच अब महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की जांच कर रही है. जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है. फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.