Brief By Jagran.com / 4:33 PM on 03 Oct 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में कहा कि नए आपराधिक कानून पूरी तरह लागू होने के बाद किसी भी आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की प्रक्रिया तीन साल के भीतर पूरी करने का लक्ष्य है. शाह ने कहा कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली पहले देरी के लिए जानी जाती थी, लेकिन नए कानूनों के जरिए इसमें बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने यह बात भोपाल के भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.
गृह और सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह लागू करने में करीब डेढ़ साल का समय और लगेगा. उन्होंने दावा किया कि इसके बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी. शाह के मुताबिक, नए कानूनों का मूल उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय दिलाना और उनके सम्मान की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान बनाए गए पुराने कानून तत्कालीन सरकार और शासन व्यवस्था की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, जबकि नए कानून भारतीय नागरिकों को केंद्र में रखकर तैयार किए गए हैं.
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा और कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर भी 2026 से 2029 के लिए ड्रग नियंत्रण से जुड़ा रोडमैप तैयार किया है, जिसमें ड्रग नेटवर्क, तस्करों और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई सहित कई कदम शामिल हैं.