Brief By Jagran.com / 4:17 PM on 03 Oct 2026
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की फायरिंग में दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के बाद पाकिस्तान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के प्रभारी को तलब किया और घटना को लेकर औपचारिक आपत्ति जताई. पाकिस्तान का दावा है कि मारे गए दोनों लोग निहत्थे आम नागरिक थे और उनके खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल किया गया. पाकिस्तान ने दोनों को घुसपैठिया बताए जाने के दावे को भी खारिज किया है. साथ ही मामले की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
यह घटना 2 अक्टूबर को पंजाब के तरनतारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई थी. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, तीन संदिग्ध लोग पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र की तरफ बढ़ रहे थे. भिखीविंड के डीएसपी अतुल सोनी के अनुसार, इनमें से एक व्यक्ति वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया, लेकिन दो अन्य चेतावनी दिए जाने के बावजूद आगे बढ़ते रहे. बीएसएफ की ओर से उन्हें रुकने और वापस लौटने की चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद दोनों के आगे बढ़ने पर बीएसएफ जवानों ने फायरिंग की, जिसमें उनकी मौत हो गई. भारतीय अधिकारियों ने दोनों को संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठिया बताया है.
वहीं, पाकिस्तान ने भारतीय पक्ष के इस विवरण पर आपत्ति जताई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, घटना बेदियन सेक्टर में हुई और मारे गए लोग आम नागरिक थे. इस्लामाबाद ने भारत से घटना की तत्काल, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच कराने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा है. दूसरी तरफ भारतीय पक्ष में मृतकों की पहचान और सीमा पार करने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. इस तरह घटना को लेकर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं.