Brief By Jagran.com / 4:34 PM on 29 Sep 2026
चर्चित दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में कानपुर पुलिस की ओर से मास्टरमाइंड बताई गईं शालू को कोर्ट से राहत मिलने के बाद जेल से बाहर आ गई हैं. करीब 21 दिन जेल में रहने के बाद घर पहुंचीं शालू ने इस पूरे दौर को अपनी जिंदगी का सबसे मुश्किल और कष्टदायक समय बताया. उन्होंने कहा कि जेल में बिताए इन दिनों में उन्हें सबसे ज्यादा अपने बेटे की याद आती थी. शालू के मुताबिक, अचानक उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई और परिवार से दूर रहना उनके लिए बेहद कठिन रहा. उन्होंने कहा कि परिवार ने इस मुश्किल समय में उनका पूरा साथ दिया.
शालू ने कहा कि उन्हें अब भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर एक पल में सब कुछ कैसे बदल गया. उनके मुताबिक, जिस जिंदगी में परिवार, घर और रोजमर्रा की खुशियां थीं, वह अचानक उनसे दूर हो गई. उन्होंने जेल में बिताए 21 दिनों को जिंदगी के सबसे बुरे दिनों में बताया. शालू ने कहा कि इस दौरान परिवार की चिंता और बेटे से दूर रहने का दर्द लगातार बना रहा. हालांकि, उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में उनका परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा. शालू ने यह भी कहा कि उन्हें भगवान और अपने गुरु पर भरोसा था और इसी भरोसे ने उन्हें इस दौर से गुजरने की ताकत दी.
जेल से बाहर आने के बाद शालू ने अपने वकील शिवाकांत का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि उनके वकील ने लगातार उनका पक्ष रखा और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी. शालू के अनुसार, उन्हें भरोसा था कि अंत में सच सामने आएगा और उन्हें न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में परिवार और वकील के सहयोग ने उनका हौसला बनाए रखा. हालांकि, विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच और मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई से तय होगी. शालू ने इस दौरान अपने परिवार, भगवान, गुरु और वकील का साथ देने के लिए आभार जताया.