Brief By Jagran.com / 4:55 PM on 20 Sep 2026
राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 2026' के दौरान दोनों देशों के जवानों ने M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर के साथ लाइव फायरिंग का प्रदर्शन किया. इस दौरान भारतीय सेना के गन क्रू ने M777 की फायरिंग क्षमता दिखाई, जबकि अमेरिकी सैन्य दल ने गन पोजीशन पर मौजूद जवानों से बातचीत कर ऑपरेशनल अनुभव साझा किए. दोनों सेनाओं के बीच युद्ध के मैदान में अपनाई जाने वाली रणनीतियों और आर्टिलरी ऑपरेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी चर्चा हुई. इस गतिविधि का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और युद्धक परिस्थितियों में समन्वय को मजबूत करना है.
लाइव फायरिंग से पहले M777 हॉवित्जर की तैनाती को लेकर लेक्चर और प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इस दौरान आर्टिलरी सिस्टम के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं की जानकारी साझा की गई. जवानों ने गन की तैनाती, स्थानीय सुरक्षा के लिए समन्वय, जवाबी गोलाबारी की स्थिति में पोजीशन बदलने और 'शूट-एंड-स्कूट' जैसी महत्वपूर्ण ड्रिल का अभ्यास किया. युद्ध अभ्यास 2026 भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का 22वां संस्करण है. यह 15 सितंबर से शुरू हुआ है और दो सप्ताह तक उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है. इसमें दोनों देशों के करीब 600 जवान हिस्सा ले रहे हैं.
M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर 155mm, 39-कैलिबर की हल्की टो-आर्टिलरी गन है. कम वजन के कारण इसे सैन्य विमानों और हेलिकॉप्टरों की मदद से दुर्गम तथा पहाड़ी इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है. भारतीय सेना भी अपने 155mm आर्टिलरी बेड़े में M777 का इस्तेमाल करती है. सामान्य गोला-बारूद के साथ इसकी रेंज करीब 24 किलोमीटर और विशेष प्रोजेक्टाइल के साथ लगभग 30 किलोमीटर तक बताई जाती है. वहीं, M982 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड गोला-बारूद के इस्तेमाल से M777A2 करीब 40 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है.