Brief By Jagran.com / 4:16 PM on 15 Sep 2026
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 15 सितंबर को बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में बड़ी राहत देने के बजाय रकम जमा करने का आखिरी मौका दिया है. अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया. यह मामला एक निजी शिकायतकर्ता से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव पर ‘मुरली प्रोडक्शंस’ के मालिक की करीब 5 करोड़ रुपये की रकम बकाया होने का आरोप है. मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने की. अदालत ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के पिछले आचरण और मामले में अब तक हुए घटनाक्रम को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राजपाल यादव के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए उन पर भरोसा कैसे किया जा सकता है. अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह बॉलीवुड में ड्रामा और अभिनय करने में माहिर हैं और अदालत में भी उसी तरह का व्यवहार कर रहे हैं. कोर्ट की यह टिप्पणी मामले की गंभीरता को दिखाती है. अदालत ने साफ किया कि अब राजपाल यादव को रकम जमा करने के लिए एक और अवसर दिया जा रहा है. उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने होंगे. इस निर्देश के बाद अब अभिनेता के सामने अदालत के आदेश का पालन करने की चुनौती है.
यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है और शिकायतकर्ता की ओर से राजपाल यादव पर बड़ी रकम नहीं चुकाने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता के अनुसार, ‘मुरली प्रोडक्शंस’ के मालिक की करीब 5 करोड़ रुपये की रकम बकाया है. इसी विवाद को लेकर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. अब शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह की समय सीमा तय करते हुए 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है. अदालत की ओर से दी गई यह समय सीमा इस मामले में अहम मानी जा रही है. राजपाल यादव को अब निर्धारित अवधि में रकम जमा करनी होगी और इसके बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देश के अनुसार आगे बढ़ेगी.