Brief By Jagran.com / 6:31 PM on 13 Sep 2026
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में रविवार को एक चार मंजिला इमारत अचानक झुक गई, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरी इमारत को खाली करा दिया गया. पुलिस और नगर निगम की टीमों ने प्रभावित इलाके को घेर लिया है, ताकि कोई व्यक्ति इमारत के आसपास न पहुंच सके. मुख्यालय निगम दिल्ली (MCD) की टीम मौके पर पहुंची और भवन की स्थिति का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने फिलहाल इमारत को खाली रखते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि दो मकानों के बीच दरार दिखाई दी और एक इमारत एक तरफ झुकी हुई मिली. इसके बाद एमसीडी, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं. निरीक्षण के दौरान इमारत के गिरने की आशंका सामने आई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इसे खाली करा दिया गया. पूर्व मेयर के मुताबिक, भवन मालिक को नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि इमारत की स्थिति गंभीर है और यह कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा है. उन्होंने दिल्ली में अवैध और जर्जर भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
श्याम सुंदर अग्रवाल ने निर्माण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पांच-छह मंजिला इमारतें एक दिन में नहीं बनतीं. ऐसे भवनों के निर्माण के दौरान नगर निगम के अधिकारी कहां थे, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अवैध निर्माण को बढ़ावा मिलता है. गांधी नगर की घटना ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को एक भवन ढहने की घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी. वह इमारत लड़कों के पीजी आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी. गांधी नगर में फिलहाल प्रभावित क्षेत्र को सील कर निगरानी रखी जा रही है और भवन की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.