Brief By Jagran.com / 5:07 PM on 03 Sep 2026
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन की राजधानी कीव में कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से इस संघर्ष को समाप्त करने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर हैं. रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद यह उनकी पहली कीव यात्रा है. इस दौरान उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रोडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की.
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं. बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और संघर्ष खत्म करने की अपील दोहराई. पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद पैदा करता है. उन्होंने कहा कि दुनिया को अंतहीन युद्ध से आगे बढ़कर युद्ध की समाप्ति की दिशा में काम करना होगा और सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान ही मानवता की पुकार है.
जयशंकर की कीव यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बना हुआ है. हाल ही में कीव में रूसी हमले के बाद एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर ने भारत की चिंता बढ़ाई है. इसके अलावा काला सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को लेकर भी भारत ने चिंता जताई है. ऐसे माहौल में जयशंकर की यूक्रेन यात्रा को दोनों देशों के बीच संवाद और भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर देता रहा है.