Brief By Jagran.com / 12:18 PM on 29 Aug 2026
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से केरल के एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार देर रात करीब 30 स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. बच्चों ने दोपहर में ट्रेन की पैंट्रीकार से खाना खाया था. इसके करीब चार घंटे बाद कई बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते 5 बच्चों की हालत गंभीर हो गई. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और प्रशासन सक्रिय हुआ और ट्रेन नंबर 12618 को रात करीब 9:02 बजे खंडवा स्टेशन पर रोक दिया गया. करीब 50 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही, जहां स्वास्थ्य विभाग और रेलवे की मेडिकल टीमों ने बच्चों की जांच कर उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाएं दीं.
जानकारी के अनुसार, मंगला एक्सप्रेस में त्रिचूर के हैप्पी कॉन्वेंट स्कूल के करीब 30 छात्र-छात्राएं सवार थे. सभी बच्चे दिल्ली में शैक्षणिक भ्रमण के बाद अपने घर लौट रहे थे. अचानक तबीयत बिगड़ने से बच्चों और उनके साथ मौजूद लोगों में चिंता का माहौल बन गया. खंडवा के सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि बच्चों ने दोपहर में ट्रेन की पैंट्रीकार से भोजन किया था और करीब चार घंटे बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी शुरू हुई. लक्षणों को देखते हुए आशंका जताई गई कि भोजन से फूड पॉइजनिंग हुई होगी. हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए भोजन की जांच जरूरी है. फिलहाल संबंधित भोजन और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
खंडवा जिला अस्पताल की टीम ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया. गंभीर रूप से बीमार बताए गए 5 बच्चों को भी दवा और चिकित्सकीय निगरानी के बाद ट्रेन में भेजा गया. रेलवे स्टेशन मैनेजर जीएल मीणा के मुताबिक, रेलवे के डॉक्टर सुभाष पाटिल बच्चों के साथ भुसावल तक गए और वहां तक उनकी स्थिति में सुधार देखा गया. स्वास्थ्य में सुधार के कारण किसी बच्चे को ट्रेन से उतारकर अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी. अब सभी की नजर खाने के सैंपल की जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने की वजह वास्तव में पैंट्रीकार का भोजन था या कोई अन्य कारण.