Brief By Jagran.com / 1:55 PM on 24 Aug 2026
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन पर अदालत के आदेशों की कथित अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. महुआ मोइत्रा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि हाई कोर्ट की ओर से सुरक्षात्मक आदेश जारी होने के बावजूद जिला प्रशासन ने उन्हें आधी रात करीब 11 बजे सर्किट हाउस स्थित उनके आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र आवास से जबरन बेदखल कर दिया. उन्होंने इस कार्रवाई को अदालत के आदेशों का उल्लंघन बताते हुए मामले में तत्काल सुनवाई और स्वतंत्र जांच की मांग की है. मामले को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने उठाया गया है.
महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह मामला एक महिला सांसद की ओर से संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका से जुड़ा है. वकील के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सांसद को रात के समय उनके निर्वाचन क्षेत्र के आवास से बाहर किया गया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कार्रवाई उस समय हुई, जब हाई कोर्ट पहले ही उन्हें सुरक्षात्मक राहत दे चुका था. महुआ मोइत्रा की ओर से अदालत से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन की कार्रवाई की जांच कराने की मांग की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में वकील ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रकरण में व्यापक दिशा-निर्देश की जरूरत हो सकती है, क्योंकि इसमें संघवाद से जुड़े संवैधानिक सवाल भी उठते हैं. उन्होंने अदालत से स्वतंत्र जांच पर विचार करने का आग्रह किया और कहा कि हाई कोर्ट के सुरक्षात्मक आदेश के बावजूद कथित तौर पर हुई कार्रवाई गंभीर विषय है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले की सुनवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जानी है. महुआ मोइत्रा की याचिका में जिला प्रशासन की कार्रवाई, अदालत के आदेश के कथित उल्लंघन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग प्रमुख रूप से की गई है.