Brief By Newsbrief / 11:54 AM on 29 Jul 2026
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इसी सिलसिले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते बुधवार को लगातार दूसरे दिन CID मुख्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की. इससे पहले मंगलवार को भी उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए थे. पहली पूछताछ के बाद उन्हें दोबारा उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था.
पूछताछ के दौरान CID ने परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए. विशेष रूप से परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के चयन, उस पर लगे कथित ब्लैकलिस्ट के आरोप, परीक्षा प्रक्रिया, समन्वय व्यवस्था और उप परीक्षा नियंत्रक के तबादले के बाद भी उनके JPSC में कार्यरत रहने जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा गया. सूत्रों के अनुसार, ख्यांग्ते ने कहा कि आयोग के सभी फैसले निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत लिए गए थे तथा उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया.
इससे पहले CID पूर्व अध्यक्ष के सरकारी आवास और JPSC कार्यालय स्थित उनके कक्ष की तलाशी भी ले चुकी है. जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड की पड़ताल की गई थी. अब इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ का दायरा बढ़ाया जा रहा है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. CID का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.