Brief By Newsbrief / 4:55 PM on 17 Jul 2026
गढ़वा : एसआईआर फॉर्म भरवाने के नाम पर कथित घूस लेने के आरोप में बर्खास्त दो बीएलओ ने बहाली की मांग को लेकर जिला समाहरणालय के सामने धरना दिया. आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो एसआईआर प्रक्रिया प्रभावित होगी. प्रशासन पहले ही जांच के बाद दोनों सेविकाओं को सेवा से हटा चुका है.): झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फॉर्म भरवाने के नाम पर कथित घूस लेने के आरोप में बर्खास्त की गई दो बीएलओ ने बहाली की मांग को लेकर जिला समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. यह प्रदर्शन झारखंड प्रदेश आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आयोजित किया गया.
जानकारी के अनुसार, गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 383 पर तैनात जमीला बीबी और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 406 पर तैनात कुसुम देवी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. आरोप था कि दोनों एसआईआर फॉर्म देने और भरवाने के बदले 50 से 100 रुपये तक की राशि मांग रही थीं. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें वीडियो सही पाए जाने के बाद दोनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
अब दोनों सेविकाएं अपनी बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं. यूनियन का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो एसआईआर अभियान प्रभावित किया जाएगा. संगठन की अध्यक्ष ने दोनों को पुनः सेवा में लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा.
वहीं, यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बाल मुकुंद सिन्हा ने प्रशासन को 29 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि यदि तब तक दोनों की बहाली नहीं हुई तो 1 अगस्त से कार्य बहिष्कार, अनिश्चितकालीन धरना और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा. अब इस पूरे मामले पर प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है.