Brief By Newsbrief / 3:59 PM on 03 Jul 2026
पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर संयुक्त अभियान चलाकर बाल तस्करी का शिकार होने से 11 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, करा सोसाइटी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया.
प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर जांच के दौरान 7 बालक और 4 बालिकाएं संदिग्ध परिस्थितियों में मिलीं. प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था. सभी बच्चों की उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है.
रेस्क्यू के बाद चक्रधरपुर थाना पुलिस को सूचना दी गई. थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाल कल्याण समिति, पश्चिमी सिंहभूम के समक्ष प्रस्तुत कराया. समिति के आदेश पर सभी बच्चों को फिलहाल राजकीय बाल गृह में रखा गया है. वहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने बच्चों की विस्तृत काउंसलिंग, परिजनों की पहचान और सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
जिला समन्वयक ने कहा कि बाल तस्करी एक गंभीर अपराध है. समय रहते की गई संयुक्त कार्रवाई से 11 बच्चों को संभावित शोषण और तस्करी से बचाया जा सका. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई बच्चा संदिग्ध स्थिति में दिखे तो इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, RPF हेल्पलाइन 139 या GRP को दें.