Brief By Newsbrief / 12:30 PM on 29 Jun 2026
बोधगया. पूर्णिमा के पावन अवसर पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार पहुंचकर भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा अर्पित की. उन्होंने मंदिर के मुख्य गर्भगृह में पूजा-अर्चना की, भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित किए तथा दीप और धूप जलाकर नमन किया. इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने पवित्र सूत्रों का पाठ किया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा.
महाबोधि मंदिर पहुंचने पर सद्गुरु का स्वागत प्रधान भिक्षु वंदनीय भिक्षु चालिंदा, भंते डॉ. मनोज, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी और समिति के सदस्य डॉ. अरविंद सिंह ने किया.
पूजा-अर्चना के बाद सद्गुरु ने पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे बौद्ध भिक्षुओं, लामाओं, भिक्षुणियों और जापानी बौद्ध प्रतिनिधियों से संवाद किया. इस दौरान शांति, आध्यात्मिक जीवन और मानव कल्याण जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ.
अपने प्रवास के अंत में सद्गुरु ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, "बुद्ध प्रकाश हैं. प्रकाश पूजने के लिए नहीं, बल्कि उसे आत्मसात करने के लिए होता है. उनकी ज्योति आपके अस्तित्व को आलोकित करे. बहुत सारा प्रेम और आशीर्वाद."
इसके बाद जिला पदाधिकारी सह बीटीएमसी अध्यक्ष शशांक शुभंकर और मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने सद्गुरु को महाबोधि मंदिर की प्रतिकृति, महत्वपूर्ण प्रकाशन और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया. पूर्णिमा पर उनका यह दौरा श्रद्धालुओं और बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा.