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मॉडल स्कूल प्रवेश परीक्षा पर उठे सवाल . 65 प्रतिशत सीटें रहीं खाली

Brief By Newsbrief / 6:33 PM on 29 May 2026


राज्य के मॉडल स्कूलों में नामांकन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रवेश परीक्षा के परिणाम जारी करने में हुई लंबी देरी और बेहद कम सफलता प्रतिशत के कारण इस बार भी हजारों बच्चों का अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का सपना अधूरा रह गया.

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मॉडल स्कूल प्रवेश परीक्षा में कुल 3479 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, लेकिन इनमें से केवल 1165 परीक्षार्थी ही सफल हो सके. यानी करीब 35 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की, जबकि लगभग 65 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं. इस स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था और चयन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

अभिभावकों का कहना है कि मॉडल स्कूलों को बेहतर शिक्षा और अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया की खामियों और परिणाम में देरी से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. कई छात्रों ने लंबे समय तक तैयारी की थी, लेकिन कम चयन दर ने उन्हें निराश कर दिया.

इधर, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) ने भी पूरी स्थिति पर खेद जताया है. परिषद का कहना है कि मामले की समीक्षा की जाएगी और आगे की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर परिणाम जारी नहीं हुए और चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं बनी, तो मॉडल स्कूलों की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है.

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