Brief By Newsbrief / 2:27 PM on 29 May 2026
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सत्ता पक्ष के भीतर बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के रांची पहुंचने से राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है. माना जा रहा है कि यह दौरा सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि राज्यसभा सीटों के बंटवारे और गठबंधन की रणनीति से भी जुड़ा हुआ है. शुक्रवार को कांग्रेस के झारखंड प्रभारी कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू और एआईसीसी सचिव सह-प्रभारी डॉ. सिरिवेला प्रसाद के रांची पहुंचे. उनके पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह देखने को भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है. एयरपोर्ट से निकलने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पहुंचा, जहां बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव, गठबंधन की रणनीति और सीट शेयरिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार राज्यसभा की एक सीट पर मजबूत दावेदारी पेश कर रही है. पार्टी गठबंधन के भीतर कम से कम एक सीट चाहती है और इसी वजह से शीर्ष नेतृत्व लगातार सक्रिय नजर आ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इंडिया गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर सहमति बनाना आसान नहीं होगा, लेकिन कांग्रेस अपने संगठन और संख्या बल के आधार पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. अब सबकी नजर हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बनी रणनीति पर टिकी हुई है.