Brief By Newsbrief / 12:35 PM on 22 May 2026
राजधानी रांची में बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है. जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि 25 अप्रैल 2019 के बाद खुले सभी प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत मान्यता लेना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं करने वाले स्कूलों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद भी कराया जा सकता है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, ऐसे स्कूलों को 1 जून से 30 अगस्त 2026 तक आवेदन करने का अंतिम मौका दिया गया है. इस दौरान स्कूल प्रबंधन को आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. विभाग ने साफ कहा है कि तय समय के भीतर आवेदन नहीं करने वाले संस्थानों को अवैध माना जाएगा और आरटीई अधिनियम 2009 की धारा-18 के तहत कार्रवाई की जाएगी.विभाग ने नए और पुराने स्कूलों के लिए अलग-अलग नियम स्पष्ट किए हैं. 25 अप्रैल 2019 के बाद शुरू हुए स्कूलों के लिए आवेदन अनिवार्य होगा, जबकि इससे पहले स्थापित स्कूलों की मान्यता से जुड़े मामले फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट में लंबित हैं. “झारखंड प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट, हजारीबाग बनाम झारखंड राज्य” मामले में सुनवाई जारी रहने के कारण पुराने स्कूलों की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगी हुई है.शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी निजी स्कूलों को “झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011” के मानकों का पालन करना होगा. जिन स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं, योग्य शिक्षक और जरूरी शैक्षणिक व्यवस्था नहीं होगी, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी.इस आदेश के बाद गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में हड़कंप मच गया है, जबकि अभिभावक भी अब स्कूलों की मान्यता को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं.