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चार बच्चों पर दो शिक्षिका, कहीं सौ बच्चों पर मात्र दो शिक्षक. शिक्षा विभाग की खुली पोल

Brief By Newsbrief / 12:29 PM on 19 May 2026


सिमरिया. प्रखंड क्षेत्र के मंझली टांड़ के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है. इस विद्यालय में मात्र चार बच्चे शिक्षा पा रहे हैं और उन चार बच्चों पर दो शिक्षिका तैनात हैं. शिक्षिका ने बताया कि स्कूल में सिर्फ चार बच्चों का ही नामांकन है.

 

विद्यालय बहुत बड़ा है. कई कमरे हैं. चार बच्चों के लिए रसोइया और मिड डे मील के लिए अध्यक्ष का चुनाव भी किया गया है. एक शिक्षिका पर सिर्फ दो बच्चे पढ़ते हैं. रसोइया चार बच्चों का खाना घर बनाकर खिला देती है. इस तरह सरकारी रुपयों का दोहन हो रहा है.

 

दूसरी ओर कई विद्यालयों में सौ से दो सौ बच्चे हैं, लेकिन शिक्षक के अभाव में मात्र दो या तीन शिक्षक हैं. इससे पठन पाठन का हाल समझा जा सकता है. कई स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है क्योंकि सरकारी विद्यालय में मात्र गरीब के बच्चे ही पढ़ते हैं.

 

शिक्षिका का कहना है कि हमारा विद्यालय किसी दूसरे विद्यालय में मर्ज किया जाता तो अच्छा था. यहां गांव की आबादी नहीं है और बच्चों की संख्या नहीं है. जबकि उक्त विद्यालय पर प्रति माह लाखों का सरकारी खर्च किया जा रहा है और नतीजा सिफर है.

 

इस तरह गरीब बच्चों के साथ मजाक हो रहा है. ऐसे बच्चों का भविष्य तय नहीं होता. नतीजा यह है कि पढ़ाई तो की है पर पढ़ना और लिखना नहीं आता. सिर्फ सर्टिफिकेट ही नाव का सहारा होता है.

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