Back

सुप्रीम कोर्ट से NTPC को बड़ा झटका, झारखंड हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

Brief By Newsbrief / 6:40 PM on 18 May 2026


एनटीपीसी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सोमवार को शीर्ष अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली एनटीपीसी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें जमीन अधिग्रहण का मुआवजा 15,783 प्रति डिसमिल तय किया गया था. इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शामिल थे, ने की. मामले में एनटीपीसी ने मुआवजा राशि कम करने की मांग करते हुए 2015-2016 के बिक्री विलेखों को आधार बनाने की दलील दी थी. कंपनी का कहना था कि मूल्यांकन के लिए तीन साल की अवधि 29 अप्रैल 2016 से मानी जानी चाहिए, जब पुनः अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हुई थी. वहीं दूसरी ओर रैयतों और जमीन दावेदारों ने तर्क दिया कि सही कट-ऑफ तारीख 12 जून 2019 होनी चाहिए, जब भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 11 के तहत अधिसूचना जारी हुई थी. उनके अनुसार, मुआवजे की गणना 12 जून 2016 से 11 जून 2019 तक के बाजार मूल्य के आधार पर की जानी चाहिए. झारखंड हाईकोर्ट ने भी रैयतों की दलील को स्वीकार करते हुए एनटीपीसी की याचिका खारिज कर दी थी और स्पष्ट किया था कि बाजार मूल्य तय करने की कट-ऑफ तारीख 12 जून 2019 ही होगी. इसी आधार पर मुआवजा तय किया गया था. इसके बाद एनटीपीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी. इस फैसले के बाद जमीन दावेदारों को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट में दावेदारों की ओर से अधिवक्ता रवि कुमार पांडेय, कमलेश कुमार मिश्रा और राजीव कुमार दुबे ने प्रभावी बहस की. इस निर्णय को भूमि अधिग्रहण मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल माना जा रहा है.

Read more on Newsbrief