Brief By Newsbrief / 5:20 PM on 18 May 2026
रांची. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा एक बार फिर सुर्खियों में है. पहले एक महिला कैदी के गर्भवती होने की खबर सामने आई. पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया लेकिन देर शाम मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट को नेगेटिव बता दिया. मामला यहीं शांत नहीं हुआ. भाजपा ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस वार्ता कर जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर पर पहले भी देवघर में महिला शिक्षिका और होमगार्ड महिला ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे. हजारीबाग जेल में कुख्यात अपराधी विकास तिवारी को संरक्षण देने के मामले में भी वह दोषी पाए गए थे. सिपाही की पत्नी के शोषण के आरोप भी लगे थे.
अजय साह ने सवाल उठाया कि यदि यौन शोषण नहीं हुआ तो 17 मई को गर्भावस्था जांच क्यों कराई गई. उन्होंने दावा किया कि 14 अप्रैल को महिला गर्भवती थी और बाद में गुप्त तरीके से गर्भपात कराया गया. जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल पर भी सबूत मिटाने का आरोप लगाया.
मथुरा रेप केस और बॉम्बे उच्च न्यायालय की टिप्पणी का हवाला देते हुए अजय साह ने इसे कस्टोडियल रेप बताया. उन्होंने कहा कि ड्रग मामले में जेल में बंद महिला के यौन शोषण का लाइसेंस नहीं मिल जाता.
भाजपा ने जेल अधीक्षक और जेल महानिरीक्षक को तत्काल निलंबित करने की मांग की. कहा कि रांची उपायुक्त को अंतिम समय तक जानकारी नहीं होना दर्शाता है कि प्रशासन का जेल पर नियंत्रण नहीं है. आरोप लगाया कि जेल अब माफियाओं का अड्डा बन चुकी है. भाजपा ने मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष ले जाने की बात कही है.